आयकर रिटर्न (ITR) भरना हर टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी काम है। सरकार हर साल आयकर दाखिल करने की एक तय तारीख (डेडलाइन) तय करती है। जो लोग इस तय तारीख तक अपना ITR दाखिल नहीं करते, उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साल 2025 में सरकार ने ITR भरने की आखिरी तारीख 15 सितंबर तय की है।
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर कोई टैक्सपेयर इस तारीख तक आयकर रिटर्न नहीं भर पाता, तो क्या होगा? क्या 15 सितंबर के बाद भी ITR भर सकते हैं? और सबसे अहम – क्या रिफंड मिलना बंद हो जाएगा ? आइए इस आर्टिकल में इन सभी सवालों का आसान जवाब जानते हैं।
ITR की आखिरी तारीख क्यों जरूरी है ?
हर वित्तीय वर्ष में कमाई गई आय के हिसाब से सरकार चाहती है कि सभी टैक्सपेयर अपनी आय और टैक्स की जानकारी समय पर जमा करें। इसके लिए आयकर विभाग एक अंतिम तिथि तय करता है।
- समय पर ITR भरने से फायदे
- टैक्स से जुड़ी झंझटें नहीं होतीं।
- रिफंड जल्दी मिल जाता है।
- भविष्य में लोन, वीजा या अन्य वित्तीय कामों में आसानी रहती है।
- देरी से आयकर रिटर्न भरने के नुकसान
- पेनल्टी लगती है।ब्याज भी देना पड़ सकता है।
- कई बार रिफंड लेट हो जाता है।
क्या 15 सितंबर के बाद भी ITR भर सकते हैं ?
जी हां, 15 सितंबर की तारीख गुजर जाने के बाद भी आयकर रिटर्न भरा जा सकता है। लेकिन इसे लेट ITR या बिलेटेड ITR कहा जाएगा।
आयकर कानून के अनुसार, डेडलाइन के बाद भी टैक्सपेयर अपना रिटर्न भर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कुछ चार्ज और पेनल्टी चुकानी पड़ सकती है।

लेट ITR (Belated Return) क्या होता है ?
जब आप तय तारीख यानी 15 सितंबर तक आयकर रिटर्न नहीं भर पाते और बाद में दाखिल करते हैं, तो वह लेट ITR कहलाता है। इसे 31 दिसंबर 2025 तक भरा जा सकता है।
हालांकि, इसमें कुछ शर्तें और पेनल्टी जुड़ी होती हैं।
लेट ITR भरने पर लगने वाली पेनल्टी
- अगर आपकी सालाना आय ₹5 लाख से ज्यादा है और आपने डेडलाइन मिस कर दी, तो आपको ₹5,000 पेनल्टी देनी होगी।
- अगर आपकी सालाना आय ₹5 लाख से कम है, तो पेनल्टी ₹1,000 होगी।
- साथ ही, अगर टैक्स बाकी है तो उस पर 1% प्रतिमाह ब्याज भी देना पड़ सकता है।
क्या डेडलाइन चूकने पर रिफंड अटक जाएगा ?
यह एक आम सवाल है कि अगर आयकर रिटर्न लेट भरते हैं तो रिफंड मिलेगा या नहीं।
- हाँ, रिफंड मिलेगा, लेकिन इसमें देरी हो सकती है।
- समय पर रिटर्न भरने वालों को पहले प्रोसेस किया जाता है, जिससे उनका रिफंड जल्दी मिल जाता है।
- डेडलाइन के बाद दाखिल किए गए आयकर रिटर्न में रिफंड क्लेम प्रोसेस होने में ज्यादा वक्त लग सकता है।
लेट ITR भरने के नुकसान
- रिफंड लेट होगा – डेडलाइन पर या उससे पहले भरने वालों की तुलना में देर से रिफंड मिलता है।
- लॉस कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे – अगर आपको बिजनेस या कैपिटल गेन में घाटा हुआ है, तो उसे अगले साल ले जाने का फायदा केवल समय पर आयकर रिटर्न भरने वालों को मिलेगा।
- पेनल्टी और ब्याज का बोझ – देरी करने पर अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ता है।
- फाइनेंशियल रिकॉर्ड पर असर – समय पर ITR भरना आपकी वित्तीय विश्वसनीयता दिखाता है, लेट फाइलिंग से यह खराब हो सकती है।
अगर बिल्कुल भी ITR न भरें तो क्या होगा ?
अगर आप आयकर रिटर्न ही नहीं भरते तो यह और भी बड़ा जोखिम है।
- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेज सकता है।
- भारी जुर्माना लग सकता है।
- गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
इसलिए चाहे लेट हो, लेकिन आयकर रिटर्न जरूर भरना चाहिए।
डेडलाइन मिस कर चुके हैं तो क्या करें ?
अगर किसी वजह से आपने 15 सितंबर तक आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया, तो घबराने की जरूरत नहीं है।
- जल्दी से जल्दी लेट ITR भरें – जितनी देर करेंगे, ब्याज और पेनल्टी उतनी बढ़ेगी।
- ऑनलाइन फाइल करें – आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाकर आसानी से ITR भर सकते हैं।
- जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार रखें – जैसे फॉर्म 16, बैंक स्टेटमेंट, पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि।
- CA या टैक्स एक्सपर्ट की मदद लें – अगर कंफ्यूजन हो तो प्रोफेशनल से सलाह ले सकते हैं।
ITR भरने का सही तरीका
- आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करें।
- “फाइल रिटर्न” ऑप्शन चुनें।
- सही असेसमेंट ईयर औरआयकर रिटर्न फॉर्म चुनें।
- आय और टैक्स की पूरी जानकारी भरें।
- पेनल्टी और ब्याज (अगर लागू हो) का भुगतान करें।
- सबमिट करने के बाद ई-वेरीफाई जरूर करें।
समय पर ITR भरने के फायदे
- रिफंड जल्दी मिलता है।
- लॉस कैरी फॉरवर्ड का फायदा मिलता है।
- कोई पेनल्टी या ब्याज नहीं देना पड़ता।
- फाइनेंशियल रिकॉर्ड मजबूत रहता है, जिससे लोन या वीजा में आसानी होती है।
FAQ – पूछे जाने वाले सवाल
Q1. आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 2025 में कब है ?
👉 इस साल आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर 2025 है।
Q2. अगर डेडलाइन मिस हो जाए तो क्या ITR भर सकते हैं ?
👉 हां, लेकिन इसे लेट ITR कहा जाएगा और पेनल्टी देनी होगी।
Q3. लेट आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख कब तक है ?
👉 31 दिसंबर 2025 तक लेट आयकर रिटर्न भरा जा सकता है।
Q4. डेडलाइन चूकने पर रिफंड मिलेगा या नहीं ?
👉 हां, रिफंड मिलेगा लेकिन इसमें देरी हो सकती है।
Q5. लेट आयकर रिटर्न भरने पर पेनल्टी कितनी है ?
👉 ₹5 लाख से ज्यादा आय वालों पर ₹5,000 और ₹5 लाख से कम वालों पर ₹1,000 पेनल्टी लगती है।
निष्कर्ष
आयकर रिटर्न भरना हर टैक्सपेयर की जिम्मेदारी है। 15 सितंबर 2025 आखिरी तारीख है और इसे मिस करने पर पेनल्टी और ब्याज देना पड़ सकता है। हालांकि, 31 दिसंबर तक लेट ITR भरने की सुविधा है।
👉 सबसे बेहतर यही है कि आप समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करें, ताकि रिफंड भी जल्दी मिले और किसी कानूनी झंझट में न फंसें।

